रिपोर्ट- दीनानाथ मौआर
औरंगाबाद- बिहार में एक ओर जहां शराबबंदी को लेकर सरकार बड़े बड़े ऐलान कर रही है। वहीं दूसरी ओर शराब कारोबारी बेखोफ हो कर शराब का कारोबार चला रहे है। इधर सीएम नीतीश कुमार शराबबंदी को सख्त बनाने के लिए समीक्षा बैठक कर रहे थे। तो उधर शराब की एक बड़ी खेप चंडीगढ़ से ओबरा आ गई। अखिर सरकार की इतनी सख्ती के बाद भी एक करोड़ की शराब बिहार कैसे पहुंची ये बोहत बड़ा सवाल है। एक करोड़ की शराब मिलने के बाद अब विपक्ष ने भी बिहार सरकार पर निशान साधना शुरू कर दिया है। सुशासन बाबू ने इधर बैठक में तय किया कि जिस थाना क्षेत्र में शराब पकड़ी जाएंगी, उस थाना के थानेदार सस्पेंड होंगे और संबंधित एसपी को भी शोकॉज किया जाएगा। उधर इसके विपरीत एक करोड़ की शराब लदा ट्रक एनएच-2 पर बारूण से औरंगाबाद जिले की सीमा में प्रवेश कर गया। शराब लदे ट्रक ने बारूण थाना की सीमा पार की, फिर औरंगाबाद मुफ्फसिल और जम्होर थाना की सीमाएं भी पार हुई। शायद दर्जनों थानों की सीमा पार करता शराब लदा ट्रक सुशासन की राजधानी पटना भी पहुंच जाता। पर किसी तरह ओबरा थाना को इसकी भनक लग गई और ओबरा पुलिस ने शराब लदे ट्रक को बेल मोड़ के पास पकड़ लिया। ट्रक से 21 हजार बोतलों में भरा 6 हजार लीटर विदेशी शराब बरामद किया गया जिसकी कीमत करीब एक करोड़ है। अब सुशासन बाबू द्वारा नया नियम लागू करते ही शराब की हुई इस बड़ी बरामदगी पर विपक्ष ने कड़ी चुटकी ली है। विपक्षी दल राजद ने कहा है कि सरकार में शामिल लोग ही शराब बेचवा रहे है। शराब के धंधे से हो रही आमदनी सरकार के लोगो तक पहुंच रही है।।