जामताड़ा – झारखंड के जामताड़ा जिले में स्कूलों की मनमानी का मामला सामने आने के बाद से ही राज्य व देश भर में राजनीति गरमाई हुई थी। वहीं इस मामले के सामने आने के बाद से धार्मिक उन्माद भी उत्पन्न होने लगा था। किसी एक समुदाय विशेष द्वारा विद्यालय की प्रथना सभा में हाथ न जोड़ने और शुक्रवार को अवकाश देने के मामले को लेकर राज्य सरकार ने जांच के आदेश दिए थे। जिसके बाद जिले के उपायुक्त ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को उक्त चिन्हित विद्यालयों का औचक निरीक्षण करने का निर्देश दिया था। जिला शिक्षा पदाधिकारी ने स्कूलों का निरीक्षण किया और सभी विद्यालय के प्रधानाध्यापक को फटकार लगाई गई है। जिला शिक्षा पदाधिकारी ने सख्त निर्देश दिए है कि प्रार्थना सभा में सरकारी गाइडलाइन पालन करते हुए सभी बच्चे हाथ जोड़कर प्रार्थना करेंगे। साथ ही विभाग द्वारा मान्यता प्राप्त उर्दू विद्यालय के अलावे कोई भी विद्यालय सामान्य विद्यालयों में मनमानी तरीके से शुक्रवार को अवकाश नहीं देंगे। साथ ही सभी स्कूलों को हर हाल में रविवार को ही अवकाश देना होगा। यदि कोई भी स्कूल इस नियमावली से उलट कोई कार्य करता हुआ पाया गया तो उस स्कूल के प्रबंधन समिति को रद्द करते हुए प्रधानाध्यापक व सहयोगी शिक्षको पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं जिस भी विद्यालय का नाम परिवर्तन हुआ था उस विद्यालय का रंग रोगन कर नाम पुनः स्थापित किया गया।