रिपोर्ट- प्रियंका कुमारी
दिल्ली- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरु नानक देव की जयंती पर राष्ट्र के नाम संबोधन में देश के किसानों के लिए एक ऐतिहासिक ऐलान किया है। पीएम ने राष्ट्र के नाम संबोधन में तीनों कृषि कानून वापस लेने की बात कही है। प्रधानमंत्री ने कहा की यह तीनों कृषि कानून किसानों के आर्थिक हितों के लिए लाए गए थे। मैं क्षमा चाहता हूं कि तीन कृषि कानून को मैं समझा नहीं सका। इसलिए केंद्र सरकार ने तीनों कानून को वापस लेने का फैसला लिया है। प्रधानमंत्री के इस संबोधन के बाद से राजनीतिक घमाशान शुरू हो गया है। कुछ लोग इसे राजनीतिक दाव पेच भी बता रहे है। पिछले एक साल से पश्चिम यूपी, हरियाणा और पंजाब के किसान दिल्ली-यूपी और दिल्ली-हरियाणा बॉर्डरों आंदोलनरत थे। उनके इस संघर्ष को अब विराम लगाने के लिए प्रधानमंत्री ने यह बड़ा ऐलान किया है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने आन्दोलनरत किसानों को आंदोलन छोड़ कर खेतों की ओर लौटने की अपील भी की है। जिसके बाद कुछ राजनीतिक जानकार इसे चुनावी ऐजेंडा बता रहे है।