कांग्रेस हाईकमान की पैनी नज़र अब बिहार में है. संगठन में भरी परिवर्तन देखने को मिलेगा, बिहार कांग्रेस संगठन में बड़े फेरबदल की तैयारी चल रही है पंजाब में हुए विवाद के बाद अब हाईकमान बिहार में सक्रिय होगया है. बिहार कांग्रेस में राजनेतिक माहोल गरम है बिहार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की ख़राब प्रदर्शन के बाद से है ही राज्य में बदलाव को लेकर अंदाजा लगाया जा रहा है. आलाकमान आने वाले समय में कई बड़े फेर-बदलाव कर सकती है.
बिहार कांग्रेस प्रभारी भक्त चरण दास संगठन में पहले भी बदलाव के लिए बैठक कर चुके है, जहां उन्होंने पने दो दिनों के बिहार दौरे के दौरान चरण दास ने पार्टी के बड़े नेताओं से आलाकमान के मुलाकात की बात भी कही थी. सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस आलाकमान जल्द ही राज्य के दिग्गज नेताओं की बैठक बुला सकता है. कुछ दिनों पहले ही राहुल गांधी ने बिहार के सभी सांसद, विधायक और पार्षद साथ मीटिंग बुलाई थी, बैठक के बाद फैसला लिया गया था की मदन मोहन झा अपना काम तीन महीने तक करेंगे. बताया जा रहा है की संगठन में बड़े फेरबदल की कवायद को भी अंजाम देने की तैयारी के साथ-साथ बिहार में वर्चस्व की लड़ाई होगी जिसमें नया दांव खेलने वाला बजी मारेगा.
दलित, ब्राह्मण और मुस्लिम वोट बैंक पर कांग्रेस आलाकमान की नज़र ज्यादा है और खबरों के मुतामिक बताया जा रहा है कि संगठन में बदलाव भी इसी आधार पर होगा. पिछले दिनों पार्टी की बैठक में प्रभारी भक्त चरण दास द्वारा दलित अध्यक्ष को वीटो कर दिया गया था. उधर, उस बैठक में प्रभारी द्वारा दलित अध्यक्ष को वीटो करने पर राज्य के नेताओं ने इस प्रस्ताव का विरोध किया था.
सूत्रों के अनुसार कांग्रेस महासचिव तारिक अनवर बिहार वापसी के साथ ही बिहार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए दिलचस्पी ले रहे हैं. लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में वापस आए थे अनवर, बाद में उन्हें महासचिव बना दिय गया था. बता दे बिहार में प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ में राजेश राम, कौकब कादरी, अखिलेश सिंह और रंजीत रंजन का नाम सबसे आगे चल रहा है।