रांची – झारखंड आंदोलन के एक बड़े स्तंभ डॉ रामदयाल मुंडा का आज 83वीं जयंती है़। डॉ रामदयाल मुंडा एक शिक्षाविद, भाषाविद, आलोचक, लेखक, समीक्षक, कुशल प्रशासक, संस्कृति प्रेमी, गीतकार, बांसुरी वादक के साथ साथ महान दूरद्रष्टा भी थे। जिन्हें अपनी मां और माटी से गहरा लगाव था। ना जाने ऐसे कितने गुण डॉ रामदयाल मुंडा में भरे पड़े थे। आज इसी महान शख्सियत की 83वीं जयंती है़। डॉ रामदयाल मुंडा ने झारखंड आंदोलन के दौरान न सिर्फ सांस्कृतिक जागरण का काम किया बल्कि राजनीतिक जन चेतना फैलाने में अपनी अहम भूमिका निभाई। यही नहीं जब जरूरत पड़ी तो सड़कों पर उतर कर गांधीवादी तरीके से झारखंड आंदोलन की अगुवाई भी की। ऐसे शख्स को आज पूरा झारखंड याद कर रहा है।