संवाददाता- मोहित कुमार
दुमका-दुमका के प्रसिद्ध बाबा बासुकीनाथ मंदिर मे बुधवार को शरद पुर्णिमा को लेकर श्रद्धालुओं की काफी भीड़ देखने को मिली। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन कर अच्छे स्वास्थ्य और खुशहाल जीवन की मनोकामना की। शास्त्रों के अनुसार इस तिथि पर चंद्रमा से निकलने वाली किरणों में सभी प्रकार के रोगों से मुक्ति दिलाने की क्षमता होती है। हिन्दू पौराणिक ग्रंथों के अनुसार इस रात को चंद्रमा की किरणों से अमृत बरसता है। उत्तर भारत में शरद पूर्णिमा की रात को खीर बना कर रखने की परंपरा है। शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा की किरणों का शरीर पर पड़ना शुभ माना जाता है। शरद पूर्णिमा के दिन मां लक्ष्मी से संबंधित कोजागरी व्रत भी रखा जाता है। साथ ही नवविवाहित महिलाओं द्वारा किये जाने वाले पूर्णिमा व्रत की शुरुआत शरद पूर्णिमा के त्यौहार से होती हैं ।
