DHANBAD ADJ MURDER CASE UPDATE: एडीजे उत्तम आनंद की हत्या के अभियुक्त ऑटो चालक व उसका साथी गया जेल, ब्रेन मैपिंग व नार्को टेस्ट की मांगी अनुमति

इजाजत के बाद पुलिस आगे की प्रक्रिया शुरू करेगी। इधर, शाम को रिमांड की अवधि पूरी होने पर पुलिस ने दोनों आरोपियों को सीजेएम के समक्ष पेश किया, जहां से दोनों आरोपियों को कड़ी सुरक्षा के साथ धनबाद संभागीय जेल भेज दिया गया। मंगलवार को हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई होगी।

धनबाद: जिला व सत्र न्यायाधीश-8 उत्तम आनंद की मौत के मामले में गिरफ्तार ऑटो चालक जोड़ापोखर कुम्हारपट्टी निवासी लखन कुमार वर्मा व उसके साथी डिगवाडीह निवासी राहुल वर्मा का पुलिस द्वारा अनुमति के साथ मनोवैज्ञानिक परीक्षण किया जाएगा जिसमें ब्रेन मैपिंग, नार्को और साइकोलॉजिकल टेस्ट शामिल हैं। पुलिस ने सोमवार को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) की अदालत में तीन तरह की जांच के लिए आवेदन कर अनुमति मांगी थी। कोर्ट ने आगे आदेश दिया कि पुलिस जांच करने वाले संस्थान से तारीख और समय लेकर आए।

इजाजत के बाद पुलिस आगे की प्रक्रिया शुरू करेगी। इधर, शाम को रिमांड की अवधि पूरी होने पर पुलिस ने दोनों आरोपियों को सीजेएम के समक्ष पेश किया, जहां से दोनों आरोपियों को कड़ी सुरक्षा के साथ धनबाद संभागीय जेल भेज दिया गया। मंगलवार को हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई होगी। यह मामला मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रवि रंजन और जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की न्यायपीठ में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध है।

उच्च न्यायालय ने धनबाद के प्रधान जिला न्यायाधीश की रिपोर्ट पर स्वत: संज्ञान लेते हुए इसे जनहित याचिका में बदल दिया। साथ ही सीलबंद लिफाफे में जांच की प्रगति रिपोर्ट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट व एफआईआर की कॉपी मांगी गई है। कोर्ट ने 2020 के बाद हुए अपराध का ब्योरा भी मांगा था। यहां एसआईटी प्रमुख एडीजी संजय आनंद लठकर ने जोरापोखर में आरोपी के परिजनों से पूछताछ की और धनबाद रेलवे स्टेशन का भी निरीक्षण किया, जहां आरोपी ने शराब का सेवन किया था।

गांधीनगर लैब में होगी ब्रेन मैपिंग और नार्को टेस्ट की जांच:

कोर्ट ने ब्रेन मैपिंग टेस्ट और नार्को टेस्ट की अनुमति संबंधी अर्जी पर पुलिस से पूछा कि वे दोनों का टेस्ट किस तारीख को करना चाहते हैं…… पहले संबंधित संस्थान से तारीख तय कर लें, उसके बाद उसकी अनुमति मांगें, पुलिस ने बताया कि गुजरात के गांधीनगर लैब से ब्रेन मैपिंग टेस्ट (BRAIN MAPPING TEST) और नार्को टेस्ट (NARCO TEST) किया जाएगा। आरोपियों का कहना है कि उन्होंने नशे की हालत में घटना को अंजाम दिया है। वे किसी भी जांच के लिए तैयार हैं।

नार्को टेस्ट क्या होता है?

इस टेस्ट को अपराधी या आरोपी व्यक्ति से सच उगलवाने के लिए किया जाता है. इस टेस्ट को फॉरेंसिक एक्सपर्ट, जांच अधिकारी, डॉक्टर और मनोवैज्ञानिक आदि की मौजूदगी में किया जाता है।

ब्रेन मैपिंग टेस्ट क्या है…

ब्रेन मैपिंग टेस्ट में आरोपी की दोषी होने का पता लगाया जाता है जिसमे पता लगाने के लिए उसके ब्रेन मूवमेंट की तस्वीरों का इस्तेमाल किया जाता है। इसमें आरोपी को कई सेंसर और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से लैस हेलमेट पहनाया जाता है, जो कंप्यूटर से जुड़ा होता है। जांच के दौरान फोरेंसिक विशेषज्ञ आरोपी को अपराध से संबंधित वस्तुओं की तस्वीरें दिखाते हैं या कुछ आवाजें निकालते हैं और उन पर आरोपी के दिमाग की प्रतिक्रिया का निरीक्षण करते हैं।

कौन करता है ये टेस्ट?

ये टेस्ट फॉरेंसिक एक्सपर्ट, जांच अधिकारी, डॉक्टर और मनोवैज्ञानिक आदि की टीम एकसाथ मिलकर करती है। इस दौरान सुस्त अवस्था में सोच रहे व्यक्ति से सवाल- जवाब घटनाक्रम आदि के बारे में पूछा जाता है. इस दौरान व्यक्त‍ि में तर्क क्षमता काफी कम होती है, ऐसे में उससे सच उगलवाने की गुंजाइश बढ़ जाती है।  

गृह विभाग ने सीबीआई जांच के लिए केंद्र को पंजीकृत डाक से भेजी अनुशंसा…

मुख्यमंत्री ने 31 जुलाई (शनिवार) को धनबाद सिविल कोर्ट के न्यायाधीश उत्तम आनंद की मौत की सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। गृह विभाग ने सोमवार को पंजीकृत डाक से सीबीआई जांच के लिए अनुशंसा पत्र, धनबाद में दर्ज प्राथमिकी की प्रति और जांच की प्रगति पर रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजी है. आगे इस मामले में सिफारिश पर केंद्रीय स्तर पर फैसला लिया जाएगा कि मामले को सीबीआई जांच के लिए दिया जाए या नहीं. फिलहाल झारखंड पुलिस की एसआईटी मामले की जांच कर रही है।

REPORT – ANKIT PASWAN

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *