चतरा – आखिरकार लाल आतंक का शिकार हो गया सीआरपीएफ का एक जवान। एक रिपोर्ट आया था कि लाल आतंक का अब देश में खात्मा हो गया है। लेकिन झारखंड और बिहार के सीमावर्ती क्षेत्र के चतरा में माओवादियों और पुलिस की मुठभेड़ में सीआरपीएफ का एक जवान घायल हो गया। जिसे एअरलिफ्ट कर बेहतर इलाज के लिए झारखंड की राजधानी रांची लाया गया। लेकिन दुर्भाग्य से आज वह जवान शहीद हो गया। पुलिस-नक्सली मुठभेड़ में घायल सीआरपीएफ जवान चितरंजन कुमार की रांची में इलाज के दौरान मौत हो गयी। बता दें कि चतरा के प्रतापपुर थाना क्षेत्र में नक्सलियों से मुठभेड़ में सीआरपीएफ जवान के पैर व कमर में गोली लगी थी।
जवान को रांची के सीआरपीएफ 133 बटालियन मुख्यालय में अंतिम सलामी दी जाएगी। इसके लिए चतरा से 190 बटालियन के कमांडेंट मनोज कुमार समेत शीर्ष अधिकारी रांची रवाना हो गए हैं। जवान चितरंजन बिहार के राजगीर जिले के रहने वाले थे। वहीं जवान के शहीद होने की खबर से बटालियन मुख्यालय समेत पुलिस महकमे में शोक की लहर है।
