चार युवकों की मौत के बाद अशांत हुआ वीरपुर

सुपौल – चार युवकों कीमौत के बाद, पिछले 3 दिनों से सुलग रहा है सुपौल का वीरपुर। बता दें कि विश्वकर्मा पूजा की रात वीरपुर-भीमनगर मार्ग पर चार युवकों की क्षत-विक्षत शव मिलने के बाद से उपजे तनाव में, तीसरे दिन भी वीरपुर सुलगता रहा। परिस्थिति को भांपते हुए प्रशासन द्वारा ‘दंगा निरोधक दस्ते’ तक को तैनात कर दिया गया है। मृतकों के परिजन जहाँ घटना के चौथे दिन भी अपने घर के लाल की शव लेने से गुरेज कर रहे हैं, वहीं प्रशासन के लिए भी यह परेशानी का कारण बना हुआ है। पीड़ित परिवार के परिजनों की मांग है कि एक तो संदिग्ध परिस्थिति में सड़क दुर्घटना बताकर सड़क से उठाकर बच्चों की लाश को बिना किसी अस्पताल या डॉक्टर को दिखाए, सीधे पोस्टमार्टम के नाम पर जिला मुख्यालय सुपौल स्थित सदर अस्पताल भेज दिया गया। वहीं वीरपुर थानेदार इंस्पेक्टर दीनानाथ मंडल ने मृत बच्चों के परिजनों को सूचित करने तक की जहमत नहीं उठाई। सभी बच्चों के परिजन इसे दुर्घटना नहीं मानकर सीधा हत्या का मामला बता रहे हैं।

वहीं दूसरी ओर आगामी निकाय चुनाव के प्रत्याशियों को अपनी राजनीति करने का बैठा-बिठाया मामला मिल गया और उन्होंने जमकर अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकनी शुरू कर दी। 18 से 24 साल के चार-चार बच्चों की मृत्यु से उपजे तनाव के बाद जहाँ शहर वासियों ने पूरे 2 दिनों तक बाजार को बंद रखा और वीरपुर थाने के सामने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की गई। हत्या और दुर्घटना के बीच फंसे इस मामले में जहां स्थानीय विधायक नीरज कुमार सिंह बबलू वीरपुर में कैंप किए हैं। बिहार प्रतिपक्ष के नेता विजय कुमार सिन्हा का भी यहां आगमन हुआ। उन्होंने सुपौल के पुलिस अधीक्षक से बिहपुर थानेदार को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने की मांग की है। इसी क्रम में पूर्व सांसद पप्पू यादव भी यहां पहुंचे। पप्पू यादव के द्वारा पीड़ित परिवारों को 20-20 हजार की तात्कालिक मदद भी की गई है। परिजनों के द्वारा अब तक शव नहीं लिए जाने से फिलहाल प्रशासन की मुश्किलें बढ़ी हुई हैं। दूसरी ओर प्रशासन के द्वारा इस मामले में लगभग 17 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। 

नीरज कुमार सिंह बबलू
पप्पू यादव

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