रिपोर्ट-मो० काजीरुल शेख
पाकुड़- पाकुड़ जिला के रेलवे साइडिंग में रेलवे रेक के जरिए अरबों रुपए के पत्थर ढूलाई बिना माइनिंग के जरिए किए जाने के मामले में खनन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन पत्थर कारोबारियों पर सात करोड़ 73 लाख रुपए का पेनल्टी लगाई है। वहीं दो सप्ताह के अंदर पेनल्टी जमा करने का निर्देश दिया है। गौरतलब हो कि बीते दिनों बिना माइनिंग चालान के अरबों रुपए का पत्थर रेलवे रैक के जरिए परिवहन कर सरकार को राजस्व की क्षति पहुंचाने का मामला काफी सुर्खियों में रहा था। और इसको लेकर जिला खनन विभाग के द्वारा जांच करते हुए रेलवे के मुख्य यार्ड मास्टर एवं पाकुड़ रेलवे स्टेशन के माल गोदाम अधीक्षक से रिपोर्ट भी तलब किया गया था। वहीं इस मामले में एक पासिंग एजेंट की भी भूमिका सामने आई थी। जांच करने के बाद खनन विभाग ने जो आंकड़ा प्रस्तुत किया। उसके अनुसार जनवरी 2021 से सितंबर 2021 तक जिला के तीन स्टोन कंपनी जिसमें ओटन दास के प्रोपराइटर प्रतीक अग्रवाल ने 14 लाख 67 हजार 419 सीएफटी, एन एस कंपनी के अशोक मध्यान्ह ने 10 लाख आठ हजार 154 सीएफटी तथा स्टोन इंडिया के प्रोपराइटर नारायण दास साधवानी ने 4 लाख 56 हजार 158 सीएफटी स्टोन रेलवे रेक के जरिए बिना माइनिंग चालान के विभिन्न स्थानों में भेजा है। बिना माइनिंग चालान के स्टोन भेजे जाने पर खनन विभाग ने तीनों कंपनी पर 7 करोड़ 73 लाख रुपए का पेनेल्टी लगाया है।