क्या झारखंड रहेगा अंधेरे में ? 7 दिनों तक होगी कि बिजली संकट

REPORT ABHISHEK RAJVANSHI

रांची : झारखंड में पिछले कई दिनों से हो रही कोयले की कमी का असर अब देश में दिखने लगा है. कोयले की कमी के कारण बिजली उत्पादन में गिरावट आयी है. जिसे देश के कई राज्यों में बिजली संकट बनी हुई है. कई राज्यों को मात्र 8 से 10 घंटे ही बिजली मिल पा रही है. झारखंड में कोयले की कमी के कारण 285 मेगावाट से लेकर 430 मेगावाट तक की लोड शेडिंग करनी पड़ी है. बता दें कि झारखंड में बिजली की मांग लगभग 2200 मेगावाट है. राज्य में अधिकतम 500 मेगावाट तक बिजली उपलब्ध होती है. बाकी की मांग सेंट्रल पूल के जरिये उपलब्ध करायी जाती है. झारखंड में  डीवीसी और एनटीपीसी की इकाइयों द्वारा बिजली आपूर्ति की जाती है. झारखंड बिजली वितरण निगम के निदेशक (ऑपरेशन) और झारखंड ऊर्जा संचरण निगम के एमडी केके वर्मा ने कहा है कि बिजली को लेकर फिलहाल पूरे देश में हालत खराब है. राष्ट्रीय आपदा की स्थिति है. आनेवाले सात दिनों तक बिजली संकट का सामना करना पड़ सकता है. उन्होंने कहा कि इस बार काफी बारिश हुई है, जिस कारण कई कोयला खदानों में पानी भर गया है. यदि कोयला है, तो वह गीला हो चुका है. इस कारण देशभर के कई पावर प्लांट में क्षमता से कम बिजली का उत्पादन हो रहा है. इस देशव्यापी संकट का असर झारखंड में भी पड़ा है. अभी 450 से 500 मेगावाट बिजली की कमी झारखंड में हो रही है. ऐसे में कुछ इलाकों में शेडिंग भी करनी पड़ रही है. पीक आवर में बिजली कंपनियां रेट बढ़ा देती हैं. ज्यादा फ्रीक्वेंसी पर बिजली काफी महंगी हो जाती है. श्री वर्मा ने कहा कि अगले सात दिनों तक संकट की आशंका है, इसलिए लोग बिजली का इस्तेमाल तभी करें, जब जरूरत हो.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *