REPORT-ABHISHEK RAJVANSHI
रांची – यौन शोषण का आरोप झेल रहे पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी के प्रेस सलाहकार सुनील तिवारी को झारखंड हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है । झारखंड हाई कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका स्वीकार कर ली है । सुनील तिवारी के अधिवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि झारखंड हाई कोर्ट ने उन्हें सशर्त पर जमानत दे दी है शर्त के अनुसार वह 6 महीने तब तक झारखंड नहीं आएंगे । जब तक इस केस से जुड़ी जानकारी के लिए या तो पुलिस पदाधिकारी या फिर न्यायालय उन्हें झारखंड नहीं बुलाता है । इसके साथ ही अदालत ने शर्त रखी है कि वह न तो अपना मोबाइल बदलेंगे और ना ही मोबाइल का नंबर चेंज करेंगे । बता दे कि सुनील तिवारी को जमानत जस्टिस राजेश कुमार की अदालत से मिली है । सुनील तिवारी झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी के सलाहकार रहे हैं। अदालत ने अपने आदेश में कहा है कि इस मामले की जांच और गिरफ्तारी में जिस तरह से तेजी की गई है, इससे प्रतीत होता है कि सरकारी तंत्र का दुरुपयोग किया गया है। बता दें कि सुनील तिवारी पर उनके यहां काम करने वाली एक युवती ने दुष्कर्म एवं यौन शोषण समेत कई गंभीर आरोप लगाए हैं और इस मामले में युवती के द्वारा अरगोड़ा थाने में कांड संख्या 229/ 2021 दर्ज कराया गया है । जिसकी जांच रांची पुलिस कर रही है। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पीड़िता का 164 का बयान भी दर्ज हो चुका है । वहीं सुनील तिवारी की पत्नी लालिमा तिवारी ने इस पूरे प्रकरण को फ़र्ज़ी बताते हुए झारखण्ड हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर सीबीआई जांच की मांग की है । बता दे कि सुनील तिवारी को रांची पुलिस ने उत्तरप्रदेश के इटावा जिले से गिरफ्तार किया था । जिसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है ।