झारखंड राज्य स्थापना दिवस पर याद किये गए बिरसा मुंडा, व्यर्थ नहीं जाएगा बिरसा मुंडा का बलिदान, जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मिलेगी नई पहचान

रिपोर्ट- प्रियंका कुमारी

रांची- आज झारखंड राज्य का 21वां स्थापना दिवस मनाया जा रहा है। राज्य के गठन के 21वर्ष पूरे होने पर राज्यवाशियों में खासा उत्साह है। 15 नवंबर 2000 को छोटानागपुर क्षेत्र को बिहार के दक्षिणी हिस्से से अलग कर झारखंड को देश का 28वां बनाया गया। इस राज्य ने अपने जनजातीय संस्कृति से देश में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। भगवान बिरसा मुंडा के जन्म दिवस पर राज्य की स्थापना करना आदिवासी समुदायों के लिए एक अनोखे उपहार से कम नहीं था। झारखंड राज्य के स्थापना के 21 वर्ष पूरे होने पर देश के प्रधामंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने ट्वीटर हैंडल से झारखंड वासियों को बधाई दी है। पीएम मोदी ने ट्वीट कर लिखा है कि, “ झारखंड के सभी निवासियों को राज्य स्थापना दिवस की ढेरों शुभकामनाएं। अपनी विशिष्ट संस्कृति के साथ ऐतिहासिक पहचान रखने वाले भगवान बिरसा मुंडा की यह धरती विकास यात्रा में आगे बढ़े।  यही कामना है।”झारखंड राज्य में वर्तमान में कुल 24 जिले हैं, और झारखंड का कुल क्षेत्रफल लगभग 79 हजार 716 वर्ग किमी है।  जो इसे क्षेत्रफल के आधार पर देश का 15वां सबसे बड़ा राज्य है। अपने अद्भुत प्राकृतिक सौन्दर्य के कारण यह राज्य पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहा है।  केवल पर्यटन ही नहीं झारखंड राज्य ने इस्पात ईंधन और कई खनिज संसाधनों की आपूर्ति कर देश के विकास में विशेष योगदान दिया है। भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के अवसर पर आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए रांची स्थित भगवान बिरसा मुंडा स्मृति उद्यान सह स्वतंत्रता सेनानी संग्रहालय का उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि आजादी के इस अमृतकाल में देश ने तय किया है कि भारत की जनजातीय परंपराओं को, शौर्य गाथाओं को देश अब और भी भव्य पहचान देगा। इसी क्रम में ऐतिहासिक फैसला लिया गया है कि आज से हर साल देश 15 नवंबर यानी भगवान बिरसा मुंडा के जन्म दिवस को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाया जाएगा।

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